ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म- अनअकेडमी (Unacademy). हैकर्स ने इस प्लैटफॉर्म का डेटाबेस चुरा लिया है. इसके दो करोड़ से ज्यादा यूजर्स की जानकारी डार्क वेब पर बेची जा रही है. ये जानकारी अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी फर्म साइबेले (Cyble) ने दी. डार्क वेब को आप इंटरनेट का अंडरवर्ल्ड समझ सकते हैं.

साइबेले ने बताया कि यूजर्स के नाम, पासवर्ड, ईमेल एड्रेस, मोबाइल नंबर, प्रोग्राम को जॉइन करने की तारीख, आखिरी लॉग-इन तारीख ये सब लीक हुए हैं. और हैकर्स इन्हें डार्क वेब पर 2000 डॉलर यानी करीब डेढ़ लाख रुपए में बेच रहे हैं.

‘बिज़नेस स्टैंडर्ड’ के मुताबिक, साइबेले ने ये भी बताया है कि जिन यूजर्स के डाटा लीक हुए हैं, उनमें से बहुत से विप्रो, इन्फोसिस, कॉग्निजेंट, गूगल, फेसबुक और बाकी कंपनियों से हैं. अनअकेडमी ने इस साल जनवरी में डाटा ब्रीच के आरोपों का सामना किया था.

अनअकेडमी ने क्या कहा? 

‘लाइव मिंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के को-फाउंडर और CTO (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर) हेमेश सिंह ने साइबेले की रिपोर्ट पर कहा,

‘हम बहुत करीब से इस स्थिति का जायाजा ले रहे हैं. और ये बता सकते हैं कि करीब 11 करोड़ यूजर्स की बेसिक जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट में 22 करोड़ यूजर्स की बात कही गई है, जबकि ऐसा नहीं है. हम अपने लर्नर्स को आश्वासन देना चाहते हैं कि कोई भी संवेदनशील जानकारी जैसे- फाइनेंशियल डाटा, लोकेशन या पासवर्ड लीक नहीं हुआ है.’

हेमेश का कहना है कि उनके यूजर्स की जानकारी सुरक्षित रहे और प्राइवेसी बनी रहे, ये उनके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. वो कहते हैं,

‘हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी यूजर की कोई व्यक्तिगत जानकारी के साथ समझौता न हो. हम एन्क्रिप्शन के लिए मजबूत तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. जैसे PBKDF2 एल्गोरिदम और SHA256 हैश का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पासवर्ड का पता लगाना किसी के लिए भी नामुमकिन हो जाएगा. हम OTP बेस्ड लॉग-इन सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा में एक और लेयर जुड़ जाएगी.’

साइबेले की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘डार्क वेब’ में जिन्होंने जानकारियां डालीं, उन हैकर्स का कहना है कि उनके पास अनअकेडमी का पूरा का पूरा डाटाबेस है, लेकिन इस वक्त वो केवल यूजर्स का अकाउंट ही लीक कर रहे हैं. आगे और कुछ भी लीक किया जा सकता है.


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