PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण, निगरानी, रोकथाम एवं लोगों को दी जा रही राहत के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद सें उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि अब तक राज्य में 707 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 4 से 10 मई के बीच बिहार आनेवाले 150 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें गुजरात के 33, महाराष्ट्र के 36, एनसीआर के 41, तेलांगना के 10, हरियाणा के 3 सहित अन्य राज्यों से आए प्रवासी शामिल हैं।

बिहार आनेवाले प्रवासियों को क्वारेंटाइन किया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर रेड जोन से आनेवाले लोगों की रैंडम जांच की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव लोगों का आइसोलेशन में ट्रीटमेंट किया जा रहा है। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि करने की दिशा में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है ताकि लोगों को जिलास्तर पर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जा सके।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने ब्लॉक क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के विभिन्न क्वारेंटाइन सेंटरों में 1 लाख 32 हजार 226 लोग रह रहे हैं और वहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायी गयी है। 172 आपदा राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक ब्लॉक क्वारेंटाइन सेंटर पर 3 लाख 75 हजार, जबकि पंचायत स्तरीय क्वारेंटाइन सेंटर पर 2 लाख 42 हजार लोगों को क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था कर ली गयी है। क्वारंटाइन सेंटर की निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाहर से आ रहे लोगों की संख्या को देखते हुये क्वारेंटाइन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

बैठक में प्रधान सचिव खान एवं भूतत्व हरजोत कौर ने बताया कि 20 अप्रैल से सभी स्टोन माइंस एवं 4 मई से बालू निकासी का काम शुरू हो चुका है। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए ग्राम पंचायत के सभी परिवारों को सरकार की तरफ से साबुन और चार मास्क दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि माइकिंग के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने की ज्यादा जानकारी दी जाए तथा लोगों को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 7 दिनों के अंदर अन्य राज्यों से बिहार आने के इच्छुक लोगों के वापस आने की पूरी व्यवस्था की जाए। इसके लिए रेलवे तथा अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने पटना तथा अन्य शहरों में फंसे लोगों को वापस भेजने के लिए समुचित व्यवस्था करने तथा गाइडलाइन के अनुसार एसओपी में प्रावधान करते हुए इससे सभी को अवगत कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों की रैंडम कोरोना जांच से काम नहीं चलेगा। बाहर से आ रहे लोगों की अधिक से अधिक कोरोना जांच की जाए। इसके लिये पूरी तैयारी करें। जांच की क्षमता बढ़ाई जाए, तभी कोरोना चेन को तोड़ा जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुये प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर क्वारेंटाइन सेंटर की संख्या उसी अनुपात में बढ़ाई जानी चाहिए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक इसका अनुश्रवण करेंगे।

क्वारेंटाइन सेंटरों पर साबुन, सेनिटाइजर आदि की पूरी व्यवस्था की जाए। सभी जिलों में आइसोलेशन बेड की संख्या बढ़ायी जाए। सभी जिलों में कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था हो, इसके लिये स्वास्थ्य विभाग आवश्यक कार्रवाई करे। कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि अभी तक बिहार को कम संख्या में जांच किट मिल रहे हैं, क्योंकि राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या कम है। बाहर से आ रहे लोगों के कारण कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। इसे देखते हुए अधिक संख्या में जांच किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए तेजी लायी जाए। निर्माण सामग्रियों बालू, गिट्टी, सीमेंट एवं ईंट की उपलब्धता पर विषेष ध्यान दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के कार्यों को बढ़ाएं। सभी जिलाधिकारी इसका अनुश्रवण करेंगे। स्किल सर्वे के आधार पर रोजगार सृजन की कार्रवाई की जाए। आवश्यकतानुसार इनसे संबंधित निर्माण इकाइयों की स्थापना राज्य में ही करने के लिए समुचित कार्रवाई की जाए तथा राज्य में संचालित इकाइयों की भी क्षमता बढ़ाकर श्रमिकों को उनके स्किल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए ताकि श्रमिकों को यहीं पर स्थायी रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री ने संबधित अधिकारियों को किए जा रहे स्किल सर्वे में तेजी लाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने किसानों को फसल क्षति के लिए दिए जा रहे कृषि इनपुट अनुदान के वितरण में भी तेजी लाने का निर्देश कृषि विभाग को दिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विषेश कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह मौजूद रहे।

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